नरोत्तमदास का जीवन परिचय | Narottamadas ka Jeevan Parichay


इस आर्टिकल में हम नरोत्तमदास का जीवन परिचय | Narottamadas ka Jeevan Parichay पढेंगे, तो चलिए विस्तार से पढ़ते हैं नरोत्तमदास का जीवन परिचय| Biography of Narottamadas in Hindi –

नरोत्तमदास का जीवन परिचय| Biography of Narottamadas in Hindi –

हिन्दी के सरस कवि, श्रीकृष्ण-चरित्र के स्वाभाविक चितेरे, सरलतम भाव-भूमि के कवि नरोत्तमदास जी का नाम आज भी बड़े आदर के साथ लिया जाता है। ‘सुदामा चरित’ उनका प्रसिद्ध काव्य-ग्रन्थ है, जिसके कारण वे अमर हो गए।

कविवर नरोत्तमदास के जीवन के विषय में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। उनकी जन्म-तिथि तथा निधन-तिथि के विषय में भी ठीक-ठीक पता नहीं है। अब तक के प्रयासों से केवल इतना ही ज्ञात हो सका है कि उनका जन्म सन् 1493 ई० के लगभग सीतापुर जिले के बाड़ी नामक ग्राम में हुआ था। कान्यकुब्ज ब्राह्मण थे। उनकी शिक्षा के विषय में भी कुछ पता नहीं है। लेकिन उनकी कृति ‘सुदामा चरित’ के आधार पर अनुमान लगाया जा सकता है कि वे सीधे-सादे स्वभाव के भगवद्भक्त ब्राह्मण थे। कवियों का परिचय देनेवाले ग्रन्थ ‘शिवसिंह सरोज’ के अनुसार वे सम्वत् 1605 वि० तक जीवित रहे। इस आधार पर विद्वान इनकी मृत्यु सन् 1548 ई० के आसपास मानते हैं।

रचनाएँ

कविवर नरोत्तमदास जी द्वारा रचित तीन काव्य-ग्रंथों का उल्लेख मिलता है–

  1. सुदामा चरित
  2. ध्रुव चरित
  3. विचारमाला

(1) सुदामा चरित– नरोत्तमदास जी द्वारा रचित ग्रन्थों में केवल यही काव्यग्रन्थ उपलब्ध है। यह खण्डकाव्य है, जिसकी रचना सरल और सुबोध ब्रजभाषा में हुई है। इसकी शैली बड़ी सरस और प्रवाहयुक्त है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता की कथा बड़े ही सरल और मार्मिक ढंग से प्रस्तुत हुई है। उनके एक ही प्रन्थ ‘सुदामा चरित’ के कारण उनकी कीर्ति हिन्दी साहित्य में अक्षय रहेगी।

(2) ध्रुव चरित— यह ग्रन्थ अप्राप्य है। कहा जाता है कि इसमें भक्त ध्रुव की कथा का वर्णन हुआ है।

(3) विचारमाला— इस ग्रन्थ का उल्लेख तो मिलता है, लेकिन यह भी उपलब्ध नहीं है। कहा जाता है कि इस है ग्रन्थ में भक्ति – सम्बन्धी विचार व्यक्त हुए हैं।

वास्तव में कविवर नरोत्तमदास ने अपने काव्य-द्वारा सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता को अमर कर दिया है। ‘सुदामाचरित’ इतनी सरस, सुकोमल और मार्मिक शैली में लिखा गया है कि पाठक का हृदय उसमें भाव-विभोर हो जाता है ।

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