लीब्र ऑफ़िस राइटर क्या है सम्पूर्ण जानकारी | LibreOffice Writer in Hindi

लीब्र ऑफ़िस राइटर क्या है – यह एक word processor application program (वर्ड प्रोसेसिंग एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर) है | इसमे सभी प्रकार के Documents बनाये जाते है प्रिंट कर सकते है और ईमेल कर सकते है |

इसमे बनी फाईलो का Extension “.odt” (Open Document Text) होता है | इसके अतिरिक्त इसमे MS Word और PDF फाईलों (Files) को भी बना सकते है और एडिट (Edit) कर सकते है |

Libre Office अन्य Word Processor Software (वर्ड प्रोसेसर सॉफ्टवेयर) को भी सपोट करता है |

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LibreOffice Writer को Open कैसे करे?

Start-Allprogram-Libreoffice-Libre Writter

  • इसके अलावा Libre office writer के आइकन (icon) को Desktop पर भेजकर अथवा Taskbar पर रखकर भी Open कर सकते है |
  • डेस्कटॉप पर भेजने के लिए ऊपर के स्टेप द्वारा
  • LibreOffice Writer को स्कटॉप पर भेजने के लिए आप Start-Allprogram-Libreoffice पर जाए फिर Libre office writer पर Right Click करके Send to Desktop (Create Short Cut) पर क्लिक करे |
  • अब इस आइकन पर डबल क्लिक करके Libre Writer Program को Run या Open करते है |

लीब्र ऑफ़िस राइटर की सम्पूर्ण जानकारी – LibreOffice Writer in Hindi

 LibreOffice Writer
लिब्रे ऑफिस राइटर का होम पेज


टाइटल बार- यह सबसे ऊपरी क्षैतिज पंक्ति के रूप में प्रदर्शित होता है। टाइटल बार के बायें कोने पर डाक्यूमेंट का नाम और प्रोग्राम का टाइटल प्रदर्शित होता है।

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LibreOffice Writer Title Bar
  • इसमें By Default file Name Untitled-1 होता है।

टाइटल बार के दायें कोने पर तीन बटन प्रदर्शित होती है।

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  1. Minimize
  2. Restore/Maximize
  3. Close

Close :- क्लोज बटन से वर्तमान फाइल या विन्डो बन्द कर सकते हैं। अथवा एक्टिव विन्डो बन्द कर सकते हैं।

Menu Bar :- टाइटल बार के नीचे क्षैतिज पंक्ति के रूप में प्रदर्शित होता है। इस पर 11 menu बटन होते हैं। प्रत्येक मीनू में कमाण्ड या विकल्प एक ऊर्ध्वधर लिस्ट के रूप में प्रदर्शित होता है।

इस पर ऐसे विकल्प प्रदर्शित होते हैं जिसका डाक्यूमेन्ट फाइल को बनाने के लिए सेव या प्रिंट करने के लिए किया जा सकता है। इसे स्टैन्डर्ड टूलबार भी कहते हैं। जो निम्नवत् हैं—

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Formatting Toolbar :- इस पर भी कुछ कमाण्ड या विकल्प प्रदर्शित होते हैं। ये ऐसे विकल्प होते हैं जिनका प्रयोग डाक्यूमेन्ट को आकर्षक बनाने के लिए अर्थात् Formatting करने के लिए किया जाता है। जैसे— पैराग्राफ स्टाइल, फाण्टनेम, फाण्ट साइज़, वोल्ड, इटैलिक, अण्डरलाइन, सुपर स्क्रिप्ट, बुलेट्स, नम्बरिंग, इण्डेन्ट, लाइन स्पेसिंग आदि। यह टूलबार कुछ इस प्रकार प्रदर्शित होता है—

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Formatting Toolbar

Rulers:-Rulers दो होते हैं—

  • क्षैतिज :- यह फॉर्मेटिंग टूलबार के नीचे अथवा पेज के ऊपर प्रदर्शित होता है। यह पेज की चौड़ाई को मापता है। सेंटीमीटर में।
  • ऊर्ध्वाधर :- यह विन्डो पर बाँयी ओर ऊर्धाधर रूप में प्रदर्शित होता है। यह पेज की ऊँचाई या लम्बाई को मापता है।

Scroll Bar :- यह भी दो होते हैं—

  • क्षैतिज :- यह विन्डो पर नीजे की ओर प्रदर्शित होता है इससे पेज को दायें-बाँयें खिसकाते हैं।
  • ऊर्ध्वाधर :- यह विन्डो या स्क्रीन पर दायीं ओर प्रदर्शित होती है इससे पेज को ऊपर या नीचे खिसकाते हैं।

Status Bar :- यह क्षैतिज स्क्रॉलबार के नीचे क्षैतिज पंक्ति में होता है। इस पर डाक्यूमेन्ट या फाइल का स्टेटस, जैसे— कुल शब्दों की संख्या, कुल अच्छरों की संख्या (बिना स्पेस के कुल अच्छर अथवा स्पेस सहित) भाषा (By Default English india) view बटन और ज़ूम प्रदर्शित होता है।

Side Bar :- यह ऊर्ध्वाधर स्क्रालबार के दायें बगल प्रदर्शित होता है। इस पर गैलेरी स्टाइल्स, नेवीगेटर्स, पेज और प्रोपर्टीज़ आदि प्रदर्शित होता है।


Menu Bar :-

Menu Bar :- टाइटल बार के नीचे दिखने वाली पट्टी को मीनू बार कहते हैं जिसमें 11 मीनू होते हैं, जो निम्नवत् हैं—

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File Menu :-यह मीनू बार का सबसे पहला मीनू है, जिसके अन्तर्गत निम्नलिखित कमाण्ड दिये रहते हैं—

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New :-इस विकल्प से नया डाक्यूमेन्ट या फाइल और नया टेम्पलेट बनाते हैं। नया डाक्यूमेन्ट या फाइल का शॉर्टकट की- Ctrl + N और नया टेम्पलेट लाने की शॉर्ट की – Ctrl + Shift + N

Open :- इस विकल्प से पहले से सेव्ड फाइल को खोलते हैं। इसका शॉर्ट की- Ctrl+O

Open Remote :- इस विकल्प से नेटवर्क में कार्य करते समय रिमोट कम्प्यूटर की फाइलों को खोल सकते हैं।

Recent Documents :- इस विकल्प पर क्लिक करने से कुछ ऐसी फाइलों के नामों की लिस्ट प्रदर्शित हैती है जिस पर हम पहले कसाम कर चुके हैं। इनमें किसी भी फाइल पर क्लिक करके उसे खोल सकते हैं।

Close :- (Alt + F4 or  Ctrl + w) — इस विकल्प से वर्तमान या सक्रिय फाइलों को या विन्डों को बन्द कर सकते हैं।

Wizards :- इसमें निम्न विकल्प होते हैं।

  • Letter Wizards
  • Fax Wizards
  • Agenda
  • Documents converter
  • Euro converter
  • Address Data Source

Letter Wizards :- इस विकल्प से आफिसियल लेटर या पर्सनल लेटर बनाते हैं इन लेटर को बनाने के लिए इसमें 6 चरण या स्टेप होते हैं।

Fax wizards :- इस विकल्प से ऑफिसियल फैक्स या पर्सनल फैक्स तैयार करते हैं। Fax को बनाने के लिए इसमें कुल 5 स्टेप होते हैं।

Agenda wizards :- इसमें एजेण्डा (मुद्दा) बनाते हैं। एजेण्डा बनाने के कुल 6 स्टेप होते है।

Templates :-

  • Open Template
  • Save As Template
  • Manage Template

Open Template :- लिब्रे ऑफिस में सेव्ड या स्टोर्ड टेस्पलेट को खोल सकते हैं।

Saved As Template :- इस विकल्प से किसी डाक्यूमेन्ट या फाइल को टेम्पलेट फाइल के रूप में सेव करते हैं।

Manage Templates (ctrl + Shift + N) :- इस विकल्प से टेम्पलेट बॉक्स को खोलते हैं जिससे सभी बने हुए टेम्पलेट प्रदर्शित होते हैं और हम प्रयोग कर सकते हैं।

Reload :- इस विकल्प से वर्तमान प्रोग्राम या फाइल को पुनः लोड कर सकते हैं। यह रिफ्रेश विकल्प के समान होता है।

Version :- इस विकल्प से लिब्रे ऑफिस का वर्जन या संस्करण प्रदर्शित होता है। लिब्रे ऑफिस का नया संस्करण 6.3 है।

Save :- इस विकल्प से वर्मान फाइल को नाम देकर सेव कर सकते हैं। डाक्यूमेन्ट का बाई डिफाल्ट नाम Untitled-1 होता है।

Save As (Ctrl + Shift + S) :- इस विकल्प से पहले से सेव्ड फाइलों को किसी अन्य नाम से अन्य स्थानों पर सेव किया जा सकता है नयी फाइलों को भी सेव कर सकते हैं।

Save Remote :- इस विकल्प से नेटवर्क में काम करते समय डाक्यूमेन्ट फाइल को रिमोट कम्प्यूटर पर रिमोट (सुदूर) फाइल के रूप में सेव कर सकते हैं।

Save a copy :- इस विकल्प से डाक्यूमेन्ट फाइल को अन्य स्थानों पर अन्य नाम से सेव कर सकते हैं। यह सेव एज़ विकल्प के समान होता है।

Save All :- इस विकल्प से एक फाइल या एक से अधिक फाइलों को एक साथ सेव करते हैं। इसमें एक-एक करके खुली हुई सारी फाइलें सेव होती हैं।

Export :- इस विकल्प से डाक्यूमेन्ट फाइल को अन्य स्थानों पर अथवा अन्य ड्राइव पर भेजते हैं।

Export As :-

  • Export As PDF :- इस विकल्प से डाक्यूमेन्ट फाइल को पीडीएफ फाइल के रूप में अन्य स्थानों पर या अन्य ड्राइव पर भेजते हैं।
  • Export Directly as PDF:-इस विकल्प से डाक्यूमेन्ट फाइल को सीधे पीडीएफ में बदल कर किसी भी स्थान पर सेव करते हैं।

Important Note :– Libre Office के विभिन्न सॉफ्टवेयर को खोलने के लिए Run command:-

  • Writer – Swriter.Exe
  • Calc – Scalc or Scalc.exe
  • Impress – SImpress or SImpress.exe

Send :-

  • Email Document :- इस विकल्प से डाक्यूमेन्ट फाइलों के रूप में Email द्वारा भेजते हैं।
  • Email as ODT (open document text) :- डाक्यूमेन्ट को odtफाइल के रूप में Email द्वारा भेजते हैं।
  • Email as Microsoft word :-इस विकल्प से फाइल को ms word (.docx) फाइल के रूप में Email द्वारा भेजते हैं।
  • Email as PDF :-इस विकल्प से डाक्यूमेन्ट फाइल को पीडीएफ फाइल के रूप में Email द्वारा भेजते हैं।
  • Send via Bluetooth :-इस विकल्प से डाक्यूमेन्ट फाइल को ब्लूटूथ के माध्यम से अन्य कम्प्यूटर या उपकरण पर भेजते हैं।

Preview in web browser :- इस विकल्प से डाक्यूमेन्ट फाइल या पेज को वेव पेज के रूप में या एचटीएसएल के रूप में प्रदर्शित करते हैं। यह फाइल वेव ब्रॉउज़र प्रोग्राम पर प्रदर्शित होती है।

Print preview (Ctrl + Shift + O) :- इस विकल्प से फाइल या पेज का प्रिंट प्रिव्यू प्रदर्शित होता हैं। print preview में पेज जिस प्रकार प्रदर्शित होता है। पेपर पर भी वैसा ही प्रिंट प्राप्त होता है।

इसमें निम्न विकल्प होते हैं—

One Page preview :-इस विकल्प से फाइल या डाक्यूमेन्ट का वर्तमान पेज का प्रिव्यू दिखता है। नेक्ट या प्रिवियस विकल्प से अगले या पिछले पेज का प्रिंट प्रिव्यू देखते है।

Two page preview :-इस विकल्प से फाइल के दो-दो पेज का प्रिव्यू प्रदर्शित होता है।

Book Preview :-इस विकल्प से भी फाइल के दो-दो पेज का प्रिव्यू किताब के समान प्रदर्शित होता है।

Multiple page preview :- इस विकल्प से भी फाइल में एक साथ कई पेजज का (आवश्यकतानुसार) प्रिव्यू प्रदर्शित करते हैं।

Jump to Specific page :- इस विकल्प से फाइल के किसी भी निश्चित पेज का प्रिव्यू देखते हैं।

Full Screen (Ctrl + Shift + J) :- इस विकल्प से वर्तमान पेज को फुल स्क्रीन पर प्रदर्शित करते हैं।

Print (Ctrl + P) :- इस विकल्प से फाइल का प्रिंटआउट प्राप्त करते हैं।

Close preview :-इस पर क्लिक करने से प्रिंट प्रिव्यू बंद होता है।

Print (Ctrl + P) :-इससे प्रिंट डायलॉग बॉक्स प्रदर्शित होता है। जो निम्नवत् प्रदर्शित होता है—

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Printer :- इस विकल्प से उस प्रिंटर का चयन करते हैं, जिससे प्रिंट लेना होता है।

Range and Copies:- इसमें फाइल के पेजेज का चयन करने के लिए रेडियो बटन के विकल्प होते हैं।

  • All pages :- बाई डिफाल्ट यह चयनित रहता है जिससे फाइल के सभी पेजेज का प्रिंट प्राप्त होता है।
  • Pages :- इसका चयन करके फाइल के निश्चित पेज नम्बर वाले पेजेज का प्रिंट प्राप्त करते हैं इसमें पेजेज का चयन करने के लिए hyphen (-) तथा Comma (,) चिन्हों का प्रयोग करते हैं। हाइफेन से पेज रैन्ज को दर्शाते हैं जैसे- 5 से 20 तक के पेजेज को प्रिंट करने के लिए 5-20 का प्रयोग करते हैं तथा अल्प-विराम चिन्ह का प्रयोग निश्चित पेज नम्बर के पेजेज को प्रिंट करने के लिए करते हैं। जैसे- 5, 21, 32, 35-40, 43 आदि।
  • दोनों चिन्हों का एक साथ भी प्रयोग कर सकते हैं जैसा कि ऊपर के उदाहरण में दर्शाया गया है। नोट- इसक अतिरिक्त किसी चिन्हों का प्रयोग नहीं करते हैं।
  • Even pages :- इसका चयन करने पर फाइल सम स्थान के सभी पेजेज का प्रिंट प्राप्त किया जा सकता है। जैसे- 2, 4, 6, 8, ………….
  • Odd pages :- इसका चयन करने पर फाइल के सभी विषम स्थान के पेजेज का प्रिंट प्राप्त होगा। जैसे- 1, 3, 5, 7, 9, ……
  • Selection :– इसका चयन करन पर फाइल के चयनित टेस्ट का प्रिंट प्राप्त किया जा सकता है। इसमें दो विकल्प होते हैं।

  1. Print in Only Side :-  बाई डिफाल्ट यह विकल्प ही सेट रहता है। इससे पेपर के केवल एक सतह पर प्रिंट होता है। दूसरी तरफ नहीं।
  2. Print in Both Sides :- इस विकल्प को सेट करने से पेपर के दोनों तरफ प्रिंट होता है।

Number of copies :-  इस विकल्प से फाइल का प्रिंट करते समय नम्बर ऑफ कॉपी (प्रतियों की संख्या) सेट कर सकते है बाई डिफॉल्ट 1 सेट रहता है। जिससे फाइल की एक प्रति तैयार होती है।

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Order- Print in Reverse Order :- इस चेक बॉक्स में टिक करने पर फाइल के पेजेज उल्टे क्रम में प्रिंट होंगे। जैसे- (10 से 1)। बाई डिफॉल्ट इस पर चेक नहीं लगा रहता है और जिससे प्रिंट सीधे क्रम में होता है।

Page Layout :- इसमें विभिन्न आकार के पेपर के नामों की लिस्ट होती है। जैसे- पत्र आकार, लीगल आकार, लेजर आकार, A1, A2, A3, A4, A5 आदि। बाई डिफॉल्ट लेटर साइज सेट रहता है। इसकी चौड़ाई 216 मिमी और लम्बाई 297 मिमी होती है। A1 पेपर की साइज की चौड़ाई 210 मिमी और लम्बाई 297 मिमी होती है।

Orientation :- 1. Automatic 2. Portrait 3. Landscape

  • पोर्ट्रेट विकल्प से पेज पर टेक्स क्षैतिज लाइनों के रूप में प्रिंट होती है। लैंडस्केप विकल्प से पेज पर टेस्ट ऊर्ध्वाधर लाइनों के रूप में प्रिंट होता है।
  • आटोमेटिक विकल्प से फाइल के कुछ पेजेज पोर्ट्रेट और कुछ पेजेज लैण्डस्केप प्रिंट हो सकता है। बाई डिफाल्ट आटोमेटिक सेट रहता है।
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Pages per sheet :- इस विकल्प से प्रत्येक पेपर शीट पर फाइल के कितने पेजेज का प्रिंट आये इसे सेट करते हैं। बाई डिफॉल्ट 1 सेट रहता है।

Printer Setting :- इस विकल्प से उस प्रिन्टर का चयन करते हैं जिससे प्रिन्ट लेना है इससे प्रिंटर की प्रॉपर्टीज की भी बदल सकते हैं।

Properties :- इस विकल्प से डाक्यूमेन्ट की प्रोपर्टीज देखते हैं।

Digital Signature :- इस विकल्प पर क्लिक करने से डाक्यूमेन्ट या फाइल के अन्त में एक छोटी क्षैतिज रेखा प्रदर्शित होती है। जहाँ यूजर का हस्ताक्षर कर सकता है।

Exit Libre Office (Ctrl + Q) :- इस विकल्प से वर्तमान समय में चल रहे सभी लिब्रे आफिस प्रोग्राम को क साथ बन्द करते हैं।


Edit Menu :-

Edit Menu :- इस मीनू के द्वारा डाक्यूमेन्ट के मैटर को इडिट कर सकते हैं। इसमें निम्नलिखित कमाण्ड होते है—

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Undo :- पिछले टास्क को हटाने के लिए इस विकल्प का प्रयोग करते हैं। अधिकतम 100 बार अन्डू किया जा सकता है। इसका शॉर्टकट Ctrl + Z है।

Redo :- जब अन्डू विकल्प का प्रयोग किया गया हो, तभी यह विकल्प सक्रिय होता है। इसके द्वारा पिछले मिटाये गये टास्क को पुनः दोहराने के लिए किया जाता है। जितनी बार अनडू किया गया हो, उतनी बार ही रीडू किया जा सकता है। इसका शॉर्टकट Ctrl + Y है।

Repeat :- इस विकल्प से अन्तिम टेक्स्ट को रिपीट करते हैं। जैसे- Ram, Ram, Ram. इसका शॉर्टकट Ctrl + Shift + Y है।

Cut :- इस विकल्प से चयनित टेक्स्ट या आबजेक्ट को कट करते हैं। अर्थात् मूव करते हैं। इसका शॉर्टकट Ctrl + X है।

Paste :- कट या कॉपी किये गये टेक्स्ट या ऑबजेक्ट को पेस्ट करते हैं अर्थात् पुनः प्राप्त करते हैं। इसका शॉर्टकट Ctrl + V है।

Copy :- इस विकल्प से चयनित टेक्स्ट या ऑबजेक्ट को कॉपी करते हैं। इसका शॉर्टकट Ctrl + C है।

Paste Special :- इसके अन्तर्गत निम्न विकल्प होते हैं—

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Paste unformatted text (Ctrl + Alt + Shift + V) :- इस विकल्प से कट या कापी किये गये टेक्स्ट को बिना फॉर्मेटिंग के पेस्ट किया जा सकता है।

Paste Special (Ctrl + Shift + V):- इस विकल्प से पेस्ट स्पेशल बॉक्स प्रदर्शित होता है, जिसमें निम्न विकल्प होते हैं।

Libre Office writer text document:- इससे कट या कॉपी किया गाय टेक्स्ट लिब्रे ऑफिस के टेक्स्ट के रूप में प्राप्त होता है।

HTML Text:- इससे कट या कापी किया गया टेक्स्ट एचटीएसएल के रूप में प्राप्त होता ह।

RTF:- इस विकल्प से कट या कापी किया गया टेक्स्ट आरटीएफ टेक्स्ट के रूप में प्राप्त होता है।

Select All ( Ctrl + A ):- इस विकल्प से फाइल के पूरे टेक्स्ट को क साथ चयनित करते हैं।

Selection Mode:- इसके अन्तर्गत निम्न दो विकल्प होते है—

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Standard Mode :- बाई डिफाल्ट यह सेट रहता है जिससे फाइल या पेज के टेक्स्ट का चयन सदैव आयताकार बाक्स के रूप में होता है।

Block Area Selection Mode (Alt + Shift + F8or Ctrl + Shift + F8) :- इस विकल्प से फाइल या पेज के टेक्स्ट को टेक्स्ट के अनुसार खण्ड के रूप में चयनित करता है।

Select text ( Ctrl + Shift + I):- इस विकल्प से फाइल के टेक्स्ट को एक-एक अच्छर का चयन करते हैं। इसका प्रयोग टेक्स्ट बाक्स के अन्दर में टेक्स्ट को चुनने के लिए होता है। इससे प्वाइंटरकी तरह प्रदर्शित होता है।

Find (Ctrl + F):- इस विकल्प से डाक्यूमेन्ट के किसी टेक्स्ट को ढूढते हैं इस पर क्लिक करने से स्क्रीन पर नीचे की ओर स्टेटसबार के ठीक ऊपर एक क्षैतिज पंक्ति प्रदर्शित होती है। जिसमें फाइंड का विकल्प और बाक्स होते हैं। जिस टेक्स्ट को ढूढना है उसे फाइंड बाक्स में लिखते हैं और इंटर की प्रेस करते हैं फाइल से वह टेक्स्ट चयनित होकर स्कीन पर प्रदर्शित होता है।

Find & Replace (Ctrl + H):- इस विकल्प से दस्तावेज में कोई पाठ्य ढूढ़कर उसे किसी अन्य पाठ्य में बदलते हैं इससे फाइंड और रिप्लेस बॉक्स प्रदर्शित होता है जिसमें फाइंड तथा रिप्लेस के बाक्स बने होते हैं जिस पाठ्य (टेक्स्ट) को ढूढ़ना है उसे फाइंड बाक्स में लिखते हैं और पाठ्य को जिस पाठ्य से बदलना होता है उसे रिप्लेस वाले बाक्स में लिखकर इंटर की प्रेस करते हैं। रिप्लेस के लिए दो विकल्प होते हैं रिप्लेस और रिप्लेस ऑल ।

Go To (Ctrl + G):- इस विकल्प से फाइल में एक पेज से अन्य पेजेज पर सीधे जम्प कर सकते हैं। इस पर क्लिक करने से गो टू पेज बाक्स प्रदर्शित होता है। जिसमें उस पेज का नम्बर लिखते हैं, जिस पर जाना है और इंटर प्रेस करते हैं।

Track Change :- इस विकल्प से फाइल में हुए बदलाव को पता लगाते हैं। इसमें निम्न विकल्प होते हैं—

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  • Record ( Ctrl + Shift + C):- इस विकल्प से ट्रैक चैंज को लागू कर सकते हैं।
  • Show:- इस विकल्प पर बाई डिफाल्ट टिक नहीं लगा रहता है। इस विकल्प पर टिक लगाने से फाइल में हुए बदलाव यदि रिकार्ड हो तो प्रदर्शित होते हैं।
  • Manage:- इस विकल्प से ट्रैक चैंज का बाक्स प्रदर्शित होता है।
  • Previous:- इससे वर्तमान बदलाव से पूर्व के बदलाव प्रदर्शित होता है।
  • Next:- इस विकल्प से फाइल में वर्तमान बदलाव के बाद का बदलाव पदर्शित होता है।
  • Accept:- इस विकल्प से फाइल में हुए वर्तमान बदलाव को स्वीकार कर लेते हैं।
  • Accept and Move to next:- इस विकल्प से एक-एक करके स्वीकारते हुए बदलाव करते हैं।
  • Accept All:- इस विकल्प से फाइल में हुए सभी बदलाव को स्वीकार करते हैं।
  • Reject:- इस विकल्प से फाइल में हुए या होने वाले बदलाव को अस्वीकार करके पूर्व स्थिति में रखा जा सकता है।
  • Reject and Move to Next:- इसके द्वारा भी एक-एक करके अस्वीकार कर (जहाँ जरूरत हो, वहाँ बदलाव को स्वीकार भी कर सकते हैं) हुए बदलाव न करके पूर्व स्थिति में बनाये रख सकते हैं।
  • Reject All:- इसके द्वारा समस्त बदलाव को एक बार में अस्वीकार करके पूर्व स्थिति में रख सकते हैं।
  • Protect:- इसके द्वारा दस्तावेज में पासवर्ड लगा सकते हैं।
  • Comment:- इस विकल्प से दस्तावेज में इन्सर्ट किये गये टिप्पणी को इडिट कर सकते हैं।
  • Compare Document:- इस विकल्प से मूल फाइल को बदली हुए फाइल से कम्पेयर (तुलना) करते हैं।
  • Merge Document:- इस विकल्प से मूल फाइल को बदली हुई फाइल के साथ मर्ज (मिला) कर सकते हैं। यह एसेप्ट ऑल के समान होता है।

Hyperlink :- इन्सर्ट किये गये हाईपर लिंक को इडिट और डिलीट करे सकते हैं।

Reference :- इस विकल्प से इन्सर्ट किये गये फुटनोट, इंडेक्स और एण्डनोट आदि को इडिट कर सकते हैं।

Fields :- इन्सर्ट किये गये फील्ड्स जैसे— पेज नम्बर, तारीख, समय, शीर्षक, लेखक (राइटर) आदि को इडिट या डिलीट कर सकते हैं।

Direct cursor Mode :- इस विकल्प से पेन्टर को कर्सर मोड में बदलते हैं अथवा फाइल पर कर्सर मोड सेट करते हैं जिससे फाइल के पेज पर जिस स्थान पर क्लिक करते हैं कर्सर वहीं आ जाता है। अर्थात् पेज पर अथवा कहीं भी टाइप कर सकते हैं। एक बार क्लिक करने से कर्सर सेट किया जा सकता है और दो बार क्लिक करके सेटिंग को रिमूव भी किया जा सकता है।

Edit Mode (Ctrl + Shift + M) :- इस विकल्प से टेबल के सेल को इडिट मोड में बदलते हैं।


View Menu :-

View Menu:- इसमें निम्नलिखित विकल्प होते हैं—

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इस पोस्ट को अभी और अपडेट किया जायेगा कृपा आप रोजाना इसे चेक करते रहे |

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