Computer क्या है – Computer की पूरी जानकारी

Computer की पूरी जानकारी – आज के इस पोस्ट में हम आपको देने वाले है Computer क्या है , input device और output device , keyboard ,mouse, Type of Computer, कंप्यूटर का परिचय और पीढ़ियों  Software और Hardware आदि  |  Computer का यूज़ बहुत जगहों पर किया जाता है जैसे – शिक्षा , रेल और वायुयान आरक्षण , वैज्ञानिक शोध , चिकित्सा , बैंक , रक्षा , मनोंरजन , संचार , प्रशासनिक आदि | अब लगभग सभी परीक्षो में Computer से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते है इस पोस्ट में आपके  सभी Basic Computer के Question और Answer मिल जायेगा | इस पोस्ट में आपको लोग को Computer की A to Z जानकारी मिल जाएगी |

computer kya hai

Computer एक इलेक्ट्रोनिक मशीन है जोकि मनुष्य द्वारा दिए गए निर्देशों  व डेटा को Process करके उसका परिणाम हमें देता है कंप्यूटर डेटा को इनपुट के रूप में लेता है और उसको Process करके आवश्यक परिणामो को आउटपुट के रूप देता है |

कंप्‍यूटर क्‍या है – What is Computer

Table of Content

Computer शब्द लैटिन भाषा के “Compute” शब्द से बना है | जिसका मतलब है “गणना” करना | कंप्यूटर को हिंदी में  “संगणक” कहा जाता है | Computer एक Electronic Device है | जो Data input के रूप में लेता है और यूज़ Process करता है और Results को output के रूप में हमें प्रदान करता है |

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है?

Computer का Full Form- Common Operating Machine Particularly Used For Technological Engineering Research है |

C – Common

O – Operating

M – Machine

P – Particularly

U – Used For

T – Technological

E – Engineering

R – Research

Computer का आविष्कार Charles Babbage  ने किया था  इन्होने 1822 में पहला मैकेनिकल कंप्यूटर बनाया था जिसके आधार पर आज के सभी Computer काम कर रहे है | चार्ल्स  बैबेज को आधुनिक Computer का पिता (Father) कहा जाता है |

Computer के कार्य ?

  1. Data Collection
  2. Data Storage
  3. Data Processing
  4. Data Output

Computer Generations in Hindi – कंप्यूटर की पीढ़ियां

 

समय के अनुसार Computer की अभी तक  पाँच पीढ़ीया आ चुकी है

Computer First Generation -कंप्यूटर की पहली पीढ़ी

Computer की पहली पीढ़ी की शुरुआत वर्ष 1945 से  1956 तक का था इन शुरूआती कंप्यूटर में Vacuum tubes का इस्तेमाल किया जाता था पहली पीढ़ी के कंप्यूटर बहुत भारी थे और इनकी साइज एक कमरे की जीतनी थी | पहली पीढ़ी के Computer Machine Language पे भरोसा करते थे | ये कंप्यूटर एक समय में एक ही Problem Solve करते थे और First Generation के Computer को हम एक जगह से दुसरे जगह नहीं ले जा सकते थे  |

Storage (स्टोरेज) – Magnetic drums (मैग्नेटिक ड्रम)

Computer First Generation System Name –

  • ENIAC
  • EDVAC
  • UNIVAC
  • IBM – 701

कंप्यूटर की पहली पीढ़ी  की विशेषताएँ – 

  • बहुत गर्मी पैदा करते थे |
  • बहुत अधिक विजली खपत होती थी |
  • बहुत महगे थे |
  • स्लो इनपुट और आउटपुट थे |
  • आकार में बहुत बड़े थे |
  • कोई AC की आवश्यकता थी |

 

Computer Second Generation – कंप्यूटर की  दूसरे पीढ़ी

अब आती है Computer की दूसरे पीढ़ी ,  Computer की दूसरे पीढ़ी कि शुरुआत वर्ष 1956 से 1963 तक का था |  दूसरे पीढ़ी के कंप्यूटर में Transistors का इस्तेमाल किया जाता था | Computer Second Generation में Assembly Language और High Level Language  का इस्तेमाल किया गया था |  Computer की दूसरे पीढ़ी Batch and Multi-programming ऑपरेटिंग सिस्टम  का इस्तेमाल किया गया था |

Storage (स्टोरेज) – Magnetic cores, Tapes and disks (मैग्नेटिक कोर,  टेप और डिस्क )

Computer Second Generation System Name –

  • IBM – 1620
  • IBM 7094
  • CDC1604
  • CDC 3600
  • UNIVAC 1108

कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी  की विशेषताएँ – 

  • बिजली की खपत कम
  • पहले पीढ़ी से तेज गति
  • पहले पीढ़ी से साइज़ में छोटे
  • बहुत महगे थे |
  • आकार में छोटे थे |
  • कम गर्मी पैदा करते थे |
  • कोई AC की आवश्यकता थी |

Computer Third Generation – कंप्यूटर की  तीसरी पीढ़ी

Computer की तीसरी पीढ़ी कि शुरुआत 1963 से  1971  तक का था | तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर में Integrated Circuits (IC) का इस्तेमाल किया जाता था | Computer Third Generation में High Level Language like Fortran   और COBOL  Language का इस्तेमाल किया गया था |

Computer की तीसरी पीढ़ी Remote processing , Time sharing and Multi-programming ऑपरेटिंग सिस्टम  का इस्तेमाल किया गया था | ये पहले Computer थे जहाँ User Monitor और Keyboard का  इस्तेमाल करते थे | तीसरी पीढ़ी के Computer में आप एक साथ कई Program को Run कर सकते थे |

Storage (स्टोरेज) – Magnetic cores (मैग्नेटिक कोर)

Computer Third Generation System Name –

  • IBM 360 Series
  • Honeywell – 600 Series
  • PDP IBM 370

कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी  की विशेषताएँ – 

  • आकार में छोटे थे |
  • बिजली की खपत कम होती थी |
  • बहुत महगे थे |
  • कम गर्मी पैदा करते थे |
  • कोई AC की आवश्यकता थी

Computer Fourth Generation – कंप्यूटर की  चौथी पीढ़ी

Computer की चौथी पीढ़ी कि शुरुआत 1971 से 1989 तक का था | चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर में  Very Large Scale Integrated Circuits (VLSI) का इस्तेमाल किया जाता था | VLSI सर्किट लगभग पाँच हजार ट्रांजिस्टर  और दुसरे सर्किट एलिमेंट एक ही चिप पर लगाए गए इसी कारण इस चौथी पीढ़ी में Microcomputer बनाना पॉसिबल हो सका |

Computer चौथी पीढ़ी में High Level Language like C   और C++ Language का इस्तेमाल किया गया था |  Computer की Fourth Generation Real time , Time sharing and Networks Distributed Operating System  का इस्तेमाल किया गया था |

Storage (स्टोरेज) – Semiconductor memory (सेमीकंडक्टर मेमोरी )

Computer Fourth Generation System Name –

  • DEC 10
  • STAR
  • 1000 PDP 11
  • CRAY – 1
  • CRAY x – MP (Super Computer)

कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी  की विशेषताएँ – 

  • बहुत सस्ते
  • बहुत छोटे साइज
  • कोई AC की आवश्यकता नहीं थी
  • इन्टरनेट की शुरुआत की गई थी

 

Computer Fifth Generation – कंप्यूटर की  पाँचवी पीढ़ी

Computer की पाँचवी पीढ़ी कि शुरुआत 1989 से आज तक का था | पाँचवी पीढ़ी के कंप्यूटर में Ultra Large Scale Integration (ULSI) और  Micro – processor chips का इस्तेमाल किया जाता था | Computer Fifth Generation में KIPS (Knowledge Information Processing System) Language का इस्तेमाल किया गया था |  Computer की पाँचवी पीढ़ी Artificial Intelligence (AI) ऑपरेटिंग सिस्टम  का इस्तेमाल किया गया था |

Storage (स्टोरेज) – Optical disk (ऑप्टिकल डिस्क )

Computer Fifth Generation System Name –

  • Desktop
  • Laptop
  • Notebook
  • Ultrabook
  • Chrome book

कंप्यूटर की पाँचवी पीढ़ी  की विशेषताएँ – 

  • मल्टीमीडिया फीचर के साथ
  • सस्ती दरो पर बहुत पावरफुल

कंप्यूटर के प्रकार – Type of Computer

तो चलिए अब हम आपको बताते है कि कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है और कहा पे कौन सा कंप्यूटर यूज़ किया जाता है |

1. Microcomputer 

सन् 1970 में Microcomputer का विकास हुआ था Microcomputer Size में छोटे होते है और Microcomputer  को डेस्क पर या ब्रीफकेस में भी रख सकते है | इन छोटे  Computer को Microcomputer  कहते है इन छोटे Computer का इस्तेमाल Personal कामो के लिए भी किया जाता है इस लिए इसे Personal Computer या व्यक्तिगत कंप्यूटर यानि PC भी कहा जाता है |

Microcomputer का इस्तेमाल बड़े Business में word processing और Filing System के लिए किया जाता है | और छोटे Business में Accounting के लिए किया जाता है | और साथ ही साथ इसका इस्तेमाल मनोरंजन के लिए भी किया जाता है | हमलोग जो भी  Computer इस्तेमाल करते है | चाहे वो Computer हो या Laptop हो वो Personal Computer होता है |

2. Minicomputer

Minicomputer  आकर में Microcomputer से बड़ा और Mainframe computer से छोटा होता है | Minicomputer में एक से ज्यादा C.P.U. होते है  Mini computer की Speed Mainframe computer से कम और Micro computer  से अधिक होती है | Minicomputer  पर एक ही समय पर एक से ज्यादा लोग काम कर सकते है |

Minicomputer का यूज़ बड़ी – बड़ी कंपनियों में जैसे – यातायात में यात्रियों के आरक्षणके लिए , सरकारी ऑफिस में , बैंको में Banking कार्यो के लिए किया जाता है | Digital Equipment corporation (DEC) ने 1965 में PDP-8 सबसे पहला Minicomputer बनाया था |

3. Workstation Computer

Workstation भी एक Computer है जोकि engineering application , desktop publishing, software development आदि के लिए यूज़ किया जाता है | Workstation computer एक Single User Computer होते है |

4. Mainframe Computer

मेनफ़्रेम कंप्यूटर की Processing Power minicomputer से ज्यादा होती है और ये Computer size में बड़े होते है | mainframe computer में ज्यादा मात्रा में Data को Fast speed से process करने की capability ज्यादा होती है |

इसलिए बड़ी – बड़ी company में Bank में , सरकारी विभागों में  mainframe computer का इस्तेमाल central computer के रूप में किया जाता है  इस Computer पर हजारो लोग एक साथ अलग – अलग काम कर सकते है | मेनफ़्रेम कंप्यूटर को एक micro computer या network  से जोड़ा जा सकता है |

5. Supercomputer

सुपरकंप्यूटर एक special computer है जोकि general purpose computer की तुलना में बहुत high level की calculation computing perform कर सकता है किसी भी समय में सभी available computer system की तुलना में सबसे तेज और powerful होता है उसे ही supercomputer कहा जाता है |

Starting  में सुपरकंप्यूटर  को scientist और engineering applications जिनमे बहोत ज्यादा database और high level computation की जरूरत होती थी वहा पर काम में लाया जाता था |


इनपुट और आउटपुट डिवाइस क्या है – What is Input and Output Devices 

अब हम आपको बताते है इनपुट डिवाइस और आउटपुट डिवाइस क्या होता है और कोन – कोन से डिवाइस इनपुट डिवाइस और आउटपुट डिवाइस है |

इनपुट डिवाइस क्या है – What is Input Devices

Input Devices  वो Devices  होती है जिसके जरिए Computer को Data Provide किया जाता है | कोई Information दी जाती है |

आउटपुट डिवाइस क्या है – What is Output Devices

Output Devices को वो Devices होती है जिसके जरिए Computer से Information या कोई Data लिया जाता है |

इनपुट डिवाइस सूची – Input Devices List

1.  Keyboard – (कीबोर्ड)

Input Device में सबसे पहले Keyboard आता है  Keyboard सबसे Common और सबसे Popular input Device है | जो कि Data को Computer में input करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है | जैसे – Alphanumeric Data (अक्षर , संख्याएँ और चिन्हों को )  |

2. Mouse (माउस)

Mouse एक Most Popular Pointing Device है | ये एक पेमस कर्सर Control Device है | इसमे दो Button होते है एक Left Side में और एक Right Side में और बीच में एक Wireless होता है | जोकि Screen पर कर्सर की पोजीसन को Control करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है | माउस एक इनपुट डिवाइस है |

जिसका इस्तेमाल लगभग सभी Computer और Laptop में किया जाता है | Computer में Mouse को अलग से लगाना होता है और Laptop में Mouse पहले से ही लगा होता है लेकिन आप अलग से भी Mouse को Laptop में लगा सकते है |

 

3. Joystick (जॉयस्टिक)

Joystick भी एक Pointing Device है | जोकि Cursor की Position  को monitor की Screen पर move करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है | Joystick का इस्तेमाल Game खेलने के लिए किया जाता है | Joystick एक Input Device है |

 

4. Scanner (स्कैनर)

 

Scanner भी एक Input Device है | यह एक Photocopy मशीन की तरह से काम करता है | Scanner से Images को Capture करता है  और यूज़ Digital form  में Convert करके Disk में Store कर देता है | इसके बाद उन images को Edit या Print किया जा सकता है |

5. Microphone (माइक्रोफोन)

Microphone एक Input Device है | जोकि Sound को Store करता है |

 

6. Magnetic ink character recognition (MICR)

MICR भी एक Input Device है जोकि ज्यादातर Bank में इस्तेमाल की जाती है | चेक पे जो Number लिखे हुए होते है | उन्हें Read करने के यही MICR मशीन इस्तेमाल किया जाता है |

 

7. Optical character recognition (OCR)

OCR Printing Text को Read करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है | एक पेपर पे जो भी Text या Character लिखे हुए होते है OCR Machine Language में Convert कर देता है और यूज़ System Memory में Save कर देता है | OCR भी एक इनपुट डिवाइस है |

8. Light Pen

लाइट पेन एक परकार का  input device है यह mouse की तरह कार्य करता है | इसका प्रयोग direct computer screen पर कुछ भी लिखने या चिन्ह बनाने के लिए इस्तेमाल  किया जाता है

9. Web Cam

वेबकैम का यूज़ Internet पर Photo दिखाने तथा Photo लेने के लिए करते है इसका यूज हम इंटरनेट की मदद से दूर बैठे आदमी का फोटो ले सकते हैं लेकिन दूसरे व्यक्ति के पास भी Webcam होना चाहिए यह एक प्रकार का Digital Camera है |

10. Bar Code Reader

Bar Code Reader की मदद से हम Bar Code को Scan कर सकते हैं Bar Code सामानों के ऊपर सफेद और काली लाइन में बना होता है Bar Code Reader की मदद से हम Bar Code को स्कैन करके डिजिटली रूम में कंप्यूटर में Data भेज देते हैं आजकल लगभग सभी जगहों पर Bar Code का इस्तेमाल किया जाता है जैसे पुस्तकालय, बैंक , पोस्ट , ऑफिस और सुपर मार्केट में |

11 .Touch Screen

यह एक इनपुट डिवाइस है जब हम स्क्रीन पर कहीं पर टच करते हैं तो यह पता लगा लेता है कि हमने इसे कहां पर टच किया है इसका यूज बैंकों में एटीएम तथा सार्वजनिक सूचना केंद्रों में स्क्रीन पर उपलब्ध विकल्पों का चुनने के लिए किया जाता है

12. Digital Camera

डिजिटल कैमरा की मदद से आप फोटो को कैप्चर कर सकते हैं और वीडियो भी शूट कर सकते हैं |

 

आउटपुट डिवाइस सूची – Output Devices List

1. Monitor (मॉनिटर)

Output Devices में सबसे पहले Monitor आता है | Monitor को Visual Display Unit (V.D.U.) भी कहा जाता है | ये  Computer का सबसे Main Output Device होता है | Computer में हम जो भी काम करते है | उसको ये Screen पे Show करता है | Monitor के जरिए हमे पता चलता रहता है कि हम Computer में क्या काम कर रहे है |

2. Printer (प्रिंटर)

Printer भी एक Output Device है | जोकि information को पेपर पर Print करने का काम करता है | जिस information को हम Monitor पर देख रहे है या जो हमने अपने Computer में information तैयार की है उसको हम Printer की मद्दत से एक Pager पे Print कर सकते है |

3. Speaker (स्पीकर)

Speaker भी एक Output Device है | क्योकि Computer स्पीकर के जरिए से हमें Sound का Output देता है |


मेमोरी क्या है – What is Memory 

Computer में तीन तरह की मेमोरी होती है Primary Memory, Secondary Memory और  Cache Memory  |

Primary Memory

Primary Memory भी दो तरह की होती है Ram और Rom |

1. रैम क्या है – What is RAM

RAM का full form “Random Access Memory” होता है। येकं प्यूटर ससस्टम को virtual space देता है RAM को हम Primary memory के नाम से भी जानते है | जब भी हम कं प्यूटर में current time में काम कर रहे होते हैं RAM उस डाटा को Store करके रखता है। लेकिन RAM इस Data को तभी तक Store करके रखता है जब तक कि कंप्यूटर में power होता है या आप उस file को बंद नहीं करते है RAM दो प्रकार के होते है |

  • SRAM (Static RAM) – SRAM कंप्यूटर को काम करने के लिए लगातार electric power की जरुरत होती है Static memory एक volatile memory होती है क्योकि जब भी Power cut हो जाता है तो इसमे Store किया गया सारा Data ख़त्म हो जाता है |
  • DRAM (Dynamic RAM) – ये Static RAM का बिलकुल उल्टा होता है इसे हम DRAM के नाम से जानते है Dynamic RAM capacitor जो data को store करते है वो धीरे – धीरे power को discharge करके रहते है अगर energy खत्म हो जाती है तो data भी खत्म हो जाता है |

2. Secondary Memory

Secondary Memory को अलग से जोड़ा जाता है और ये Storage  के काम में आती है और इसे Secondary device भी कहा जाता है Primary memory के मुकाबले इसकी Speed का होती है लेकिन इसकी Storage  की capacity primary memory के मुकाबले ज्यादा होती है और जरुरत पड़ने पर Upgrade भी किया जा सकता है | Secondary Memory चार प्रकार की होती है |

  • Magnetic Tape
  • Magnetic Disk (Floppy Disk, Hard Disk etc)
  • Optical Disk (CD, DVD etc)
  • USB Flash Drive (Pan Drive)

3. Cache Memory

Cache memory size में बहुत ही छोटी होती है लेकिन computer की main memory से बहुत तेज होती है इसे CPU भी memory भी कहा जाता है  जिन program और instruction को बार – बार इस्तेमाल किया जता है उनको कैश मेमोरी अपने अंतर Save कर लेती है |

ROM – (Read-only memory)

ROM Full Form “Read Only Memory” है | ROM Computer System की Primary storage device होती है। यह Chip के आकार का होता है जो Computer के Motherboard से जुड़ी हुई होती है। ROM Computer मे Built-in Memory के रूप में होती है जिसका डाटा Read Only होता है

मतलब उसमे कुछ भी Write Or Modify नहीं किया जा सकता है | यह RAM Memory की तरह अपना Data Computer बंद होने के बाद भी खत्म नहीं करती है, इसमें पूरा Data Store रहता है | ROM 5 प्रकार के होते है |

  • PROM – Programmable Read-only Memory
  • EPROM – Erasable Programmable Read-only Memory
  • EEPROM – Electrically Erasable Programmable Read-only Memory
  • EAROM – Electrically Alterable Read-only Memory
  • Flash Memory

CPU क्या है

CPU का Full Form “Central processing unit” होता है Central processing unit का primary unit होता है जो instruction को process करता है ये लगातार operating system और Applications को चलता रहता है इसके साथ ही ये user के द्वारा किये गए input को रिसीव करता है और उसके आधार पर दुसरे सभी Software को चलता है

ये input किये गए data को process करके output हमें देता है  CPU को दुसरे नामो से भी जाना जाता है जैसेकि – Processor ,micro  processor, central processor और इसे computer का दिमाक भी कहा जाता है | CPU के main 3 components होते है |

  • Storage Unit or Memory Unit  – Memory Unit System data instruction और result को store करके रखती है ये computer के दुसरे units को जरूरत पड़ने पर information सप्लाई भी करती है जैसेकि – RAM, ROM, Hard Disk |
  • Control unit – Control unit computer के सभी parts के operation को control करता है ये unit real में data processing करने का काम करता है |
  • ALU (Arithmetic and logic unit) – ALU दो पार्ट में बटा होता है एक Arithmetic section और logical section | Arithmetic section का काम है math से जुड़े problem  को हल करना | Logical section का काम है logic कामो को करना जैसेकि – तुलना करना , चुनाव करना |

CPU कई प्रकार के होते है Single Core CPU , Dual Core CPU, Quad Core CPU और Octa Core CPU | आपके CPU में जितना ज्यादा Core होगे उतना ही ज्यादा वो Fast होगा उतनी ही आप एक सा ज्यादा से ज्यादा काम कर पायेगे |

  • Single Core CPU – एक Core होते है |
  • Dual Core CPU – दो Core होते है |
  • Quad Core CPU – चार Core होते है |
  • Octa Core CPU – आठ Core होते है |

Computer Software and Hardware

अब हम जानेगे Software और Hardware क्या होता है सोफ्टवेयर और हार्डवेयर में क्या – क्या अंतर होता है और कंप्यूटर में सॉफ्टवेर और हार्डवेयर का क्या काम होता है | कंप्यूटर में दो पार्ट होते है एक सॉफ्टवेर और दूसरा हार्डवेयर |

Software (सॉफ्टवेर क्या है)

Software Program का रूप है जो किसी ख़ास काम को करने के लिए बनाया जाता है  जी ऐसी Language  में होते है जिसे कंप्यूटर समझ सकता है | जैसे कि – C , C++ , Java , .NET आदि | Software के दो प्रकार के होते है |

  • System Software
  • Application Software

System Software क्या है ?

ये Software Computer में ऐसा Platform तैयार करते है | जिससे दुसरे Application Software को चलने में मद्दत मिल सके | ये User Friendly environmentदेता है जिससे user system को आसानी से चला सके | ये Software वो Program है जिन्हें  Computer खुद से manage करता है |

ये System में  install होते है और hardware को use करके उसे manage  करते है System Software को operating systemभी कहा जाता है | इन Software का काम Computer में File , memory, Hardware को मैनेज करना और दुसरे resources provide करना होता है| बिना System Software के कंप्यूटर में कोई भी काम नहीं हो सकता है | System Software है जैसे  – Microsoft windows, Linux , mac और Android आदि |

Application Software क्या है ?

ये  सोफ्टवेयरSystem Software की मद्दत से Computer पर Run होता है इन्हें किसी एक तरह के Task को पूरा करने के लिए बनाया जाता है | Computer बिना Application Software के आसानी से चल सकता है लेकिन बिना System Software के नहीं | फिर भी Application software important होते है

इन्हें productivity program and user program भी कहा जाता है  ये user को उसका कार्य पूरा करने में मद्दत करते है | Application Software है जैसे –  MS Word, WordPad and Notepad,Media Player,Microsoft Office,web browsers आदि |

Hardware (हार्डवेयर क्या है )

हार्डवेयर को HW भी कहा जाता है Hardware Computer का वो हिस्सा है जिसे हम देख भी सकते है और छू भी सकते है | Hardware है जैसे –

मदरबोर्ड क्या है – What is Motherboard  

ये Hardware का Main Part होता है जिसे देखने के लिए आपको Computer को खोलना पड़ेगा ये एक बोर्ड है जिसे PC भी कहा जाता है यानी Printer circuit board भी कहा जाता है ये बोर्ड कंप्यूटर के अलग – अलग components को पकड़ कर रखता है |

Graphic card क्या है ?

इसे Motherboard में insert किया जाता है | ग्राफ़िक कार्ड का इस्टे माल Monitor पे Images  Produce करने के लिए किया जाता है ये Data को कुछ इस तरह से Convert  करता है और  signal generate करता है जिसे आपका monitor आसानी से समझ जाता है |

जितना अच्छा ग्राफ़िक कार्ड होगा उतनी ही अच्छी image produce होती है Games और Video Editing के लिए Graphic card होना बहुत ही जरुरी होता है | ये Motherboard में लगाया जाता है  और इसका Size एक चिप की तरह होता है |


कंप्यूटर कीबोर्ड क्या है – What is Keyboard in Hindi

कंप्यूटर कीबोर्ड क्या है – एक input device है सामान्य Keyboard में 104 Keys होते है | कीबोर्ड में मैजूद हर एक Keys का अपना एक ख़ास काम होता है | Keyboard को कंप्यूटर से जोड़ने के लिए एक विशेष जगह बनी होती है लेकिन आजकल USB की-बोर्ड आते हैं जो कंप्यूटर की USB पोर्ट में लग जाते हैं तथा वायरलेस की-बोर्ड भी आते हैं जिन्हें सिस्टम से जोड़ने की जरूरत नहीं होती है | Keyboard के keys को 6 भागो में बटा गया है |

Computer क्या है - Computer की पूरी जानकारी

Function Keys 

Function Keys Keyboard में सबसे ऊपर होता है  | F1 से F12 तक लिखा होता है और Function Keys का यूज़ हर एक Program में अलग – अलग होता है |

Computer क्या है - Computer की पूरी जानकारी

Typing Keys

Keyboard में सबसे ज्यादा इस्तेमाल typing keys का होता है typing keys में दोनों तरह के keys alphabet और number शामिल होते है इन्हें criminal from में Alphanumeric key कहा जाता है typing key में सभी तरह के symbol and Punctuation Marks भी शामिल होते है |

Control keys 

Shift, Ctrl, Windows (Win) और Alt ये key Control Keys होती है ये Shortcut के लिए इस्तेमाल की जाती है |

Navigation Keys

Navigation Keys के अंतर्गत Home, Page Up , Delete, END, Page Down,Insert और Cursor Control keys आता है |

Computer क्या है - Computer की पूरी जानकारी

  • Home – कर्सर को लाइन के शुरुआत में लाने के लिए |
  • End – कर्सर को लाइन के अंत(Last) में ले जाने के लिए |
  • Page Up – कर्सर को पिछले पेज पर ले जाने के लिए Page Up Button का Use किया जाता है |
  • Page Down – कर्सर को Next Page पर ले जाने के लिए Page Down Button का यूज किया जाता है |

Indicator Keys

  • Num lock – Numeric Keys  को On या off करने के लिए  Num lock बटन  दबाये |
  • Caps Lock – अगर caps lock key on है तो जो भी अक्षर आप type करेगे वो सभी capital letter में type होगा और अगर off होगा तो जो भी अक्षर आप type करेगे वो सभी small letter में type होगा |
  • Scroll Lock –  इससे हम Scroll को On/Off कर सकते है |

Numeric Keys

Numeric Keys Numeric keypad के अन्दर होता है Numeric Keys को calculator key भी कहा जाता है क्योकि Numeric Keypad में लगभग calculator के सामान्य ही keys होती है इसका इस्तेमाल number लिखने के लिए किया जाता है|

Computer क्या है - Computer की पूरी जानकारी

Special Keys

  • Space Bar (स्पेस बार) – यह कीबोर्ड की सभसे लम्बी Key होती है इसके द्वारा type करते time शब्दों के भीच में खली जगह दी जाती है |
  • Enter Key ( एन्टर की ) – user द्वारा किए हुए निर्देश को processor के पास भेजने के लिए इस्तेमाल होता है किसी भी Document में new paragraph शुरू करने के लिए भी इसे इस्तेमाल  किया जाता है कीबोर्ड पर दो Enter Button होती है |
  • Control Keys (कंट्रोल कीज) – Control keys को दूसरी keys के साथ दबाकर Computer को विशेष निर्देश देने के लिए प्रयुक्त किया जाता है कीबोर्ड पर दो Ctrl Keys होती है |
  • Shift Keys (शिफ्ट कीज) –  Shift Key का प्रयोग अग्रेजी के बड़े अक्षरों को type करने के लिए होता है यदि किसी key पर दो चिन्ह छपे होते है तो ऊपर वाले चिन्ह को type करने के लिए key के साथ shift को दबाना होता है कीबोर्ड पर दो Shift Keys होती है |
  • Backspace Key (बैकस्पेस कीज) – Backspace Key को दबाने से कर्सर के बाई तरफ के अक्षर मिट (Delete) जाते है | Backspace Key का इस्तेमाल Back आने के लिए भी यूज़  किया जाता है |
  • Tab Key (टैब की) – Tab Button कर्सर को एक ही बार में लंबी दूरी तय करता है और Browser Page दूसरे लिंक पर ले जाने के लिए है Word या Excel के table में एक वर्ग से दूसरे वर्ग में जाने के लिए इसका यूज़ किया जाता है
  • Esc Key (एस्केप की) – यह एक Cancel Button है अगर आप कोई कार्य कर रहे हैं और उसे आप बीच में बंद या Cancel करना चाहते हैं तो आप Esc Button का Use कर सकते हैं | अगर आप ब्राउज़र में कोई भी चीज search कर रहे हैं और आप उसे रोकना चाहते हैं तो आप Esc button प्रेस कर दीजिए आपका search रुक जाएगा | और अगर आप Esc button साथ Ctrl button यूज करते हैं तो Start Menu खुल जाएगा |
  • Delete Key (डिलीट की) –  कर्सर के दायी ओर के अक्षर , चिन्ह को मिटाने के लिए और इसके द्वारा सिलेक्ट किए हुए word, file , line या Page को मिटाने के लिए यूज किया जाता है |
  • Print Screen Key (प्रिंट स्क्रीन की) – Print Screen Key का यूज़ Screen को Capture करने के लिए यूज करते हैं |
  • Pause Key (पॉज की) – इस Key का यूज़ हम किसी भी चल रहे प्रोग्राम को रोकने के लिए करते हैं
F1 -F12  Function Key These keys act according to operating system. Mainly we use these keys for printing , saving, repeat last action etc.
Tab Tab Key Tab key is used the cursor forward/set point.
Shift Shift Key Used for upper case of alphabet.
Alt Alt ( Alternet ) Key It located both side of spacebar. it used with another key as discussed in key board shortcuts.
Caps Lock  Caps Lock key It also used for upper case of alphabet.
Backspace Backspace key Used to delete any alphabet/character before the current position.
Delete Delete Key It used to delete the alphabet/character after the current position.
Enter Enter Key this key is used as return key. it used for next line. Several other uses are discussed In next heading ( Keyboard short cuts).
Prt Scrn Print Screen Key Used to print screen image .
Scroll Lock Scroll Lock Key It used to stop the scrolling of the text temporarily.
Pause Pause Key It used to stop the action of the program being Run temporarily. we can able to work after pressing pause tab again.
Insert Insert Key This  key allows text to be inserted.
Home Home Key Used to return to the beginning of the.
End End Key Used to return end of the line .
Page Up Page Up Key Used to move up of the page .
Page down Page down Key Used to move down of the page .
Num Lock Num Lock Key It is used to use the numbers on the keypad after Num Lock off enable the keys other functions such as using the keypad as an arrow pad etc.
Esc Esc Key It used to cancel action in the progress.
Space Bar Space bar key Located in the middle of Alt key and used for blank space.

 

Key/Symbol Explanation
~ Tilde
( Open or left parenthesis
) Close or right parenthesis
Hyphen, minus or dash
` Acute, back quote, grave, grave accent, left quote, open quote or a push
! Exclamation mark, exclamation point or bang
@ Ampersat,  asperand,  arobase, at, or at symbol
§ Micro or section
% Percent
° Degree
^ Caret or circumflex
& Ampersand, epershand or and symbol
* Asterisk, mathematical multiplication symbol and sometimes referred to as star
_ Underscore
+ Plus
= Equal
: Colon
; Semicolon
Quote, quotation mark or inverted commas
Apostrophe or single quote
< Less than or angle brackets
> Greater than or angle brackets
, Comma
# Octothorpe,  pound, number, sharp or hash
£ Pound Sterling or Pound symbol
Euro
$ Dollar sign or generic currency
¢ Cent sign
¥ Chinese/Japenese Yuan
. Period dot or full stop
{ Open brace, squiggly brackets or curly bracket
} Close brace, squiggly brackets or curly bracket
[ Open bracket
] Closed bracket
| Pipe Or or vertical bar
\ Backslash or reverse solidus
/ Forward slash,  virgule, solidus, whack and mathematical division symbol
? Question mark

माउस क्या है – What is Mouse

माउस एक इनपुट डिवाइस है जो कंप्यूटर के Screen के pointer या cursor को control करता है इस pointer के जरिए हम computer के अंदर files, folders और दूसरे सभी items को खोलने, बंद करने, एक जगह से दूसरे जगह ले जाने के इस्तेमाल करते हैं.

इन सभी कामों को करने की वजह से इसे Pointing device भी बोलते हैं | इसमें लेफ्ट बटन, राइट बटन और बीच में एक स्क्रौल व्हील होता है | माउस का आविष्कार “डगलस सी इंजेल्वरर्ट”  ने किया था |

माउस के कार्य –

1. Left Click or Click (लेफ्ट क्लिक या क्लिक) – Mouse के Left Button को एक बार दबाकर छोड़ने पर एक आवाज (Clicking Sound) आती है स्क्रीन पर किसी भी Object को Select करता  है |

  • Double Click (डबल क्लिक) – Mouse के left button को जल्दी-जल्दी दो बार दबाकर छोड़ने को Double click कहते हैं डबल क्लिक का यूज़ हम file, document और program को Open करने के लिए करते हैं |
  • Triple Click (ट्रिपल क्लिक) – Mouse के left button को एक साथ तीन बार जल्दी से दबाने पर Triple Click होती है Triple Click का उपयोग बहुत ही कम किया जाता है इसका यूज़ किसी Document में पूरे paragraph कोselect करने के लिए किया जाता है |

2. Right Click (राईट क्लिक) – Mouse के Right button को दबाना Right Click कहलाता है. किसी Item पर Right Click करने से उस Item के साथ किये जा सकने वाले कार्यो कि एक list खुलती है जिससे हम Item को पूरी तरह से एक्सेस कर सकते है |

3. Drag and Drop (ड्रैग और ड्राप)  – Mouse के द्वारा Computer Screen पर उपलब्ध किसी भी item को एक स्थान से दूसरे स्थान पर रखा जा सकता है Mouse Pointer के द्वारा किसी item को select करने के लिए left button को उस item पर दबाएं रखे और उस item को उसके वांछित जगह तक खीचं कर ले जाए और button को छोड़ दे इस संपूर्ण कार्य (खीचना और छोड़ना) को Drag and Drop कहा जाता है |

4. Scrolling (स्क्रॉल) – Mouse Wheel द्वारा किसी Document, Web page को ऊपर-नीचे सरकाना Scrolling कहलाता है ऊपर की तरफ सरकाने के लिए Wheel को अपनी तरफ घुमाना पड़ता हैऔर नीचे की तरफ सरकाने के लिए बाहरकी तरफ घुमाना पड़ता है |


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2 thoughts on “Computer क्या है – Computer की पूरी जानकारी”

  1. आपका आर्टिकल पढ़कर मुझे बहुत अच्छा लगा. में अक्सर आपके ब्लॉग के न्यू आर्टिकल्स पढ़ता हूं जिससे मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला. आपके सभी आर्टिकल से टॉपिक को पूरी तरह से समझने की पूर्ण क्षमता होती है. आप इसी तरह से हमें अपना ज्ञान देते रहे इसके लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद.

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