कम्प्यूटर का परिचय – Introduction of Computer [पाठ -1]


कम्प्यूटर क्‍या है? – What is Computer

Computer शब्द लैटिन भाषा के “Compute” शब्द से बना है | जिसका मतलब है “गणना” करना | कम्प्यूटर को हिंदी में  “संगणक” कहा जाता है | Computer एक Electronic Device है | जो Data input के रूप में लेता है और उसे Process करता है और Results को output के रूप में हमें प्रदान करता है |

Introduction of Computer

कम्प्यूटर की परिभाषा – Definition of Computer

कम्प्यूटर एक इलैक्ट्रानिक मशीन है जो कि मनुष्य द्वारा दिये गए निर्देशों व डेटा को विश्लेषित करके उसका परिणाम हमे देता है। कम्प्यूटर डेटा को इनपुट के रूप लेता है और उसको विश्लेषित (process) कर आवश्यक परिणामों को आउटपुट के रूप देता है।

कम्प्यूटर के कार्य है –

  • Data को इनपुट के रूप में स्वीकार (Accept) करना |
  • Data को दिए गए निर्देशों के अनुरूप विश्लेषित (process) कर सूचना में बदलना |
  • Data और सूचना को भविष्य में उपयोग के लिए स्टोर (Store) करना |
  • सूचना का विश्लेषित (process) कर आवश्यक परिणामों को आउटपुट के रूप में देना है।

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है?

Computer का Full Form- Common Operating Machine Particularly Used For Technological Engineering Research है |

  • C – Common
  • O – Operating
  • M – Machine
  • P – Particularly
  • U – Used For
  • T – Technological
  • E – Engineering
  • R – Research

कम्प्यूटर सिस्टम के घटक – Components of Computer System

कम्प्यूटर को तीन भागो में बांटा जा सकता है –

  1. हार्डवेयर
  2. साफ्टवेयर
  3. डाटा

हार्डवेयर – Hardware

हार्डवेयर कम्प्यूटर का वो हिस्सा है जिसे हम देख भी सकते है और छू भी सकते है, हार्डवेयर कहलाता है | हार्डवेयर को HW भी कहा जाता है |

हार्डवेयर के उदाहरण – की-बोर्ड, माउस, मॉनीटर, मदरबोर्ड, प्रोसेसर, सीपीयू, प्रिंटर, हार्ड डिस्क ड्राइव, स्पीकर आदि |

सॉफ्टवेर – Software

कम्प्यूटर के वे घटक जिनको हम हाथ से छू नहीं सकते या स्पर्श नहीं कर सकते और कम्प्यूटर बंद होने पर इन्हें नहीं देखा जा सकता है वे कम्प्यूटर सॉफ्टवेर कहलाते है |

कम्प्यूटर चालू होने के बाद स्क्रीन पर जो दिखाई देता है व सॉफ्टवेर होता है |

सॉफ्टवेर के उदाहरण – Application software

डाटा – DATA

अव्यक्ति तथ्य जो अभी असंसाधित है, डाटा कहलाते है |

डाटा के दो भाग है-

  1. संख्यात्मक डाटा
  2. चिन्हात्मक

संख्यात्मक डाटा – Numerical Data

संख्यात्मक डाटा है जैसे – 0, 1, 2… , 9 तक के अंक आयु, वेतन, प्राप्तांक, अनुक्रमांक आदि |

चिन्हात्मक डाटा – Alphanumeric Data

इनमे अक्षरो, अंको और चिन्हों का प्रयोग किया जाता है जैसे- नाम,पता कोड इत्यादि|

सूचना -Information

जब कई डाटा को एक साथ इस प्रकार व्यवस्थित करक रखा जाए, जिससे एक उपयोगी परिणाम अथवा जानकारी प्राप्त हो सके तो इस व्यवस्थित डाटा समूह को ही सूचना कहा जाता है। डाटा को संसाधित करने में हमे सूचना प्राप्त होती है।

कम्प्यूटर की विशेषता – Characteristics of Computer

गति – Speed

कम्प्यूटर की गणना क्षमता आम मनुष्य के गणना करने की क्षमता से कई गुना तेज़ होती है। कम्प्यूटर की गति को MIPS (Millions of Instructions Per (Second) में मापा जाता है। कम्प्यूटर एक सेकेण्ड में लाखों गणनाएं कर सकता है। कम्प्यूटर प्रोसेसर के स्पीड को हर्ट्ज़ (Hz) में मापते है |

शुद्धता (Accuracy)

कम्प्यूटर की गणनाओं के परिणाम त्रुटिहीन होते हैं एवं परिणाम शुद्ध होते है। कम्प्यूटर GIGO के सिद्धांथ पर कार्य करता है अर्थात् अगर इनपुट शुद्ध है तो परिणाम भी शुद्ध ही होगा।

संचय एवं पुन: प्राप्ति (Storage and Retrieval)

कम्प्यूटर में विशाल भंडारण की व्यवस्था होती है जिसमें हम सूचना, डाटा एवं निर्देशों का संग्रहण कर सकते है। और आवश्यकता पड़ने पर निर्देश (Command) देकर इन सूचनाओं को पुनः प्राप्त (Access) किया जा सकता है।

विश्वसनीयता – (Reliability)

कम्प्यूटर हमेशा शुद्ध परिणाम देते है, जो विश्वसनीय होते है और परिणामों में सदैव एकरूपता रहती है। उचित रख-रखाव से कम्प्यूटर लम्बे समय तक अबाधित रूप से कार्य करते रहते है |

बहुउपयोगिता- (Verstality)

कम्प्यूटर से हम हर तरह के कार्य कर सकते हैं, जैसे-कि टाइपिंग, प्रिंटिंग, डिजाइनिंग, एकाउंटिंग, नक्शा बनाना, मनोरंजन इत्यादि ।

कर्मठता एवं कार्यकुशलता – (diligence and efficiency)

कम्प्यूटर बिना थेक, रूके लगातार लम्बे समय तक उसी गति एवं उसी शुद्धता के साथ विश्वनीयता तरीके से कार्य करते रहते हैं। कम्प्यूटर की कार्यकुशलता मनुष्यों की तुलना में कहीं अधिक होती है।

अगर आपको इस पोस्ट पसंद आई हो तो आप कृपया करके इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। अगर आपका कोई सवाल या सुझाव है तो आप नीचे दिए गए Comment Box में जरुर लिखे।


Leave a Comment