अतिशयोक्ति अलंकार : परिभाषा एवं उदाहरण


इस आर्टिकल में हम अतिशयोक्ति अलंकार – Atishayokti Alankar in Hindi पढेंगे, तो चलिए विस्तार से पढ़ते हैं अतिशयोक्ति अलंकार परिभाषा एवं उदाहरण

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अतिशयोक्ति अलंकार की परिभाषा

जहाँ किसी वस्तु, घटना अथवा परिस्थिति की वास्तविकता का बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन किया जाता है, वहां अतिशयोक्ति अलंकार होता है।

अतिशयोक्ति अलंकार के लक्षण या पहचान चिन्ह

उपमेय को निगलकर उपमान के साथ अभिन्नता प्रदर्शित करना (जहाँ बहुत बढ़ा-चढ़ाकर लोक से बाहर की बात कही जाये) ही अतिशयोक्ति अलंकार के लक्षण हैं।

अतिशयोक्ति अलंकार के उदाहरण

उदाहरण1

छाले परिबे कै डरनु, सकै न हाथ छुबाइ।
झझखत हियैं गुलाब कैं, झँवा झवैयत पाइ।।

स्पष्टीकरण— उपर्युक्त उदाहरण में नायिका के पाँवों की सुकुमारता का बहतु बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन किया गया है। अत: यहां अतिशयोक्ति अलंकार है।

उदाहरण -2

यह चन्द्र है।

स्पष्टीकरण— प्रस्तुत उदहारण उपमेय को निकलकर उपमान के साथ अभिन्ननता प्रदर्शित की गई है। अत: यहाँ अतिशयोक्ति अलंकार है।


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